होली – 2021 | Holi – 2021

होली – 2021 | Holi – 2021

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संपूर्ण  विश्व  में  जब  भी  कोई  भारतीय  संस्कृति  की  बात  करता  है  तो  फिर  यहां  मनाए  जाने  वाले  त्यौहारों  की  बात  चलना  लाजिमी  है  ।  और  त्यौहारों  की  बात  चले  और  होली  के  त्यौहार  का  ज़िक्र  ना  हो  तो  बात  अधूरी  ही  रह  जाती  है ।


होली  के  बारे  में  (  About holi in hindi )

रंगो  के  सम्मोहन  से  बंधे  इस  त्यौहार  से  जुड़ी  स्मृतियाँ  जब  भी  हम  सभी  के  ज़ेहन  में  उभरती  है  तो   बच्चे  हो  या  बूढ़े  सभी  के  चेहरे  गुलमोहर  से  खिल  जाते  हैं  ।  साल  के  बारह  महीनों  में  मार्च  का  महीना  किसी  चित्रकार  का   कैनवस  बन  कर  इतराता  है , और  तब  तक  कोरा  रहता  है  जब  तक  होली  का  दिन  नहीं  आ  जाता  ।  और  हर  कोई  हर्षोल्लास  से  एक  दूसरे  पर  रंग  लगाते  हुए  यह  नहीं   कहता  ‘ बुरा  न  मानों  होली  है ‘ 


हम  होली  क्यों  मनाते  हैं ( why we celebrate holi ) 

होली से जुड़ी शायद अनेक कहानियों के विषय में हमने पढ़ा और दूसरों के मुंह से सुना होगा लेकिन मुख्यतः हम इस उत्सव के संदर्भ में एक भक्त और उसकी भक्ति की कथा अपने स्कूल के दिनों से आज तक सुन रहे हैं कथा के अनुसार ब्रह्मा जी द्वारा प्राप्त वरदान के कारण स्वयं को ईश्वर समझने वाला हिरण्यकश्यप जब भक्त प्रह्लाद के प्राण लेने के कई असफल प्रयास कर चुका था तो उसने अपनी बहन होलिका ( जिसे वरदान प्राप्त था कि वह कभी अग्नि में नहीं जलेगी ) की सहायता ली । और होलिका से कहा कि वह प्रह्लाद को लेकर अग्नि के मध्य में बैठे जिससे वरदान के कारण होलिका सुरक्षित रहेगी और प्रह्लाद की जलकर मृत्यु हो जाएगी । लेकिन यह भक्त प्रह्लाद  की भक्ति की शक्ति थी जो वरदान प्राप्त होने के कारण भी होलिका अग्नि में भस्म हो गई और प्रह्लाद  का बाल भी बांका नहीं हुआ । इस तरह होलिका का अंत हुआ और अंत की खुशी में होली का उत्सव मनाया जाता है । 


होली 2021 कब है ( when is holi in 2021 )

होली के त्यौहार का पहला दिन अर्थात होलिका दहन फाल्गुन मास की पूर्णिमा को पूरे हर्षोल्लास के साथ मनाया जाता है । आइए जानते हैं की होली कितनी तारीख की है । वर्ष 2021 में होलिका दहन 28 मार्च ( रविवार | Sunday ) को होगा तथा अगले दिन 29 मार्च को गुलाल लगाने की परंपरा है , जिसे होली , धुलंडी आदि नामों से जाना जाता है ।


होली कैसे खेलें ( how to play holi )

वर्ष 2020 में शायद किसी ने कल्पना भी नहीं की थी कि हम आने वाले समय में कितना कुछ खो देंगे अब 2021 में इस उत्सव के दस्तक देने का समय आ गया है । आइए जानते हैं कि कैसे हम रंगों से सजे इस त्यौहार को और रंगीन और कभी ना भूलने वाला कैसे बनाएं ।

  • असभ्यता का वायरस ना फैलाएं  – होली है ! बुरा न मानो होली है ! सिर्फ यह वाक्य बोलने का अर्थ यह कदापि नहीं है कि किसी भी महिला , पुरुष या बच्चों को रंग लगाने का और बिना आज्ञा और जान – पहचान के किसी के घर में घुस जाने का आपको अधिकार मिल गया है । त्योहारों पर घटिया आदर्शों का परिचय ना दें और ना ही किसी को खराब अनुभव ।
होली

याद रखें – जो काम आप नहीं चाहते कि आप की मां , बहन , बेटियों  एवं प्रिय जनों के साथ दूसरे न करें । वह काम आप स्वयं भी किसी दूसरे के प्रियजनों के साथ ना करें ।  सम्मान दें और सम्मान लें ।

  • कुरीतियों को बढ़ावा ना दें – कुछ लोगों के लिए त्योहारों का मतलब होता है नशा , जुवा आदि नशा करके त्यौहार मनाने से ना सिर्फ त्योहारों के रंग फीके पड़ जाते हैं बल्कि कई बार ऐसी दुर्घटनाएं हो जाती हैं जिनकी भरपाई जीवन भर नहीं हो पाती ।

याद रखें – आप का मजा किसी किसी के लिए सज़ा ना बने , उत्सव की आड़ में नशा करके किसी को कभी ना भूलने वाली कड़वी यादें ना दें ।

  • प्रकृति को हां और केमिकल को ना कहें – होली का त्यौहार एक ऐसा त्यौहार है जिसमें रंगों के माध्यम से  विभिन्न  ज्वलनशील एवं हानिकारक केमिकलों का भारी – भरकम प्रयोग किया जाता है । होली खेलने की मस्ती में हम यह भूल जाते हैं कि हमारे द्वारा खरीदे गए रंगों में कुछ ऐसे रसायन होते हैं जिनसे संक्रमण का खतरा होता है तथा त्वचा रोग और आंखों की रोशनी तक जा सकती है । अतः इस होली पर प्राकृतिक रंगों के प्रयोग को आरंभ करें । अगर आप स्वयं बनाने में सक्षम ना हो तो यह बाजार में भी आसानी से उपलब्ध हो जाते हैं इसके साथ-साथ गंदे पानी के प्रयोग से बचें एवं रास्ते पर चलते हुए फोन ऊपर पानी ना डालें इससे दुर्घटना होने की संभावना बढ़ जाती है ।
होली

याद रखें – कभी इस बात की प्रतीक्षा न करें कि दूसरे लोग शुरुआत करेंगें , आप स्वयं शुरुआत करें और दूसरों के लिए भी आदर्श बनें ।

प्रेम बाँटे नफरत नहीं – होली के त्यौहार में लड़ाई झगड़े होना आम बात है । हम यह भूल जाते हैं कि यह भाईचारे का पर्व है डब्ल्यूडब्ल्यूई का टूर्नामेंट नहीं । जो इच्छुक ना हो उसके साथ जबरदस्ती ना करें प्रेम एवं सकारात्मकता बातें नफरत नहीं ।

याद रखें – जीवन एक प्रतिध्वनी है ।  जो भी आप किसी को आज देंगे वह कभी न कभी लौटकर आपके जीवन में भी आएगा । वह प्रेम भी हो सकता है और नफरत भी चुनाव आपका है ।

होली की शुभकामनाएं संदेश

जैसा कि हम सभी जानते हैं कि यह त्योहार प्रेम के रंग में रंगा है । इस त्यौहार पर पिछले कटु अनुभवों को और संबंधों को होली की शुभकामनाएं संदेश देकर मधुर बनाएं । सरकार , राजनीति आदि से जुड़े हुए फूहड़ संदेश ना भेजें । इससे कई बार तनाव उत्पन्न होता है और प्रेम की जगह मतभेद जन्म लेते हैं ।


और अंत में 2021 की होली आप सभी के लिए मंगलकारी हो.. यही शुभेक्षा है ।
एक बार फिर होली की हार्दिक शुभकामनाएं


हमेशा की तरह इस बार भी आपके सुझावों और शिकायतों की प्रतीक्षा रहेगी । 
धन्यवाद

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