शॉर्टकट ..

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“ बिना कुछ दिए तुम कुछ पा नही सकते ”

किसी गांव में एक बूढ़ा व्यक्ति अपने परिवार के साथ रहता था परिवार में उसकी पत्नी और बेटा था । ये बूढ़ा दंपति हमेशा इसलिए परेशान रहता था कि इनका बेटा काम धाम कुछ नही करता था , और जब उसे काम या नौकरी करने के लिए कहा जाता था तो उसका दो टूक जवाब होता था कि – “ मैं गधे की तरह धक्के खाकर मेहनत नही कर सकता मुझे अमीर बनना है , और ऐसा मैं सिर्फ अपने दिमाग से कर सकता हूँ इसके लिए मुझे नौकरी करने की आवश्यकता नही है , दुनिया में हर चीज को हासिल करने का एक छोटा रास्ता होता है यानी शॉर्टकट मैं उसी पर विश्वास करता हूँ ”

वृद्ध दंपती जब यह जवाब सुनता तो बेटे के भविष्य के लिए और चिंतित होता । एक दिन उस बूढ़े व्यक्ति ने अपनी समस्या अपने बचपन के मित्र को बताई जो दूसरे गांव में रहता था । उसके मित्र ने उसे ढांढस बंधाते हुए कहा कि “ परेशान ना हो ! मेरे पास इसका इलाज है , तुम बस अपने बेटे की कोई तस्वीर दे दो जिससे मैं उसे पहचान सकूँ ” । अगले दिन उस बूढ़े व्यक्ति का मित्र एक पक्षी बेचने वाले के पास गया , और एक बोलने वाला तोता खरीद लाया । और उस तोते को हर बात पे एक शब्द बोलना सीखा दिया – ” बिल्कुल ”
अब वह तोते से कुछ भी पूछता तो जवाब मिलता – ” बिल्कुल ” …

अब वह रात्रि में अपने मित्र ( जो अपने पुत्र के लिए चिंतित था ) के गांव गया , और तीन , चार गड्ढे खोदकर उनमें कुछ धन दबा कर वापस आ गया । फिर अगले दिन वह भेष बदलकर तोते के साथ गांव आया और चौराहे पर जोर – जोर से चिल्लाने लगा की उसके पास एक ऐसा तोता है जो जमीन में गढ़ा हुआ धन बता देता है । यह बात उस बूढ़े पिता के लड़के के कानों में भी पड़ी और सुनते ही वह भागा – भागा आया और तमाशा देखने लगा , तोते का मालिक उसे पहचान गया की यह उसके मित्र का बेटा है वह उसके पास जाकर बोला कि “ अगर तुम यह तोता खरीद लो तो तुम जल्द ही अमीर हो जाओगे ” ।

यह सुनकर मानो उस लड़के की मन कि मुराद पूरी हो गयी , लेकिन उसने शंका जताते हुए कहा कि मैं कैसे मान लूं की यह तोता जमीन में दबा हुआ धन बता देता है , तोते के मालिक ने कहा रुको मैं तुम्हे प्रमाण देता हूँ , उसने रात्रि में जहां – जहां धन दबाया था वहाँ तोते को ले जाकर पूछा कि – मेरे चमत्कारी तोते अगर मैं यहां खुदाई करूँ तो क्या मुझे धन मिलेगा ??


चमत्कारी तोते ने रटा – रटाया जवाब दिया – ‘ बिल्कुल ‘😁
लड़के ने पूछा – क्या मूल्य है इस चमत्कारी तोते का ??
10000 (दस हज़ार रुपये ) , जवाब मिला ।
कुछ देर सोचने के बाद लड़के ने कहा – “ चलो ठीक है , मै पैसे लेकर आता हूँ । लेकिन यह तोता किसी और को मत बेचना ।”
तोते का मालिक मुस्कराया और बोला – ठीक है ।
लड़का दौड़ता हुआ अपने घर गया और अपने पिता की नजर बचाकर उनके सन्दूक से 10000 रुपये निकाल लाया , और रास्ते भर विचार करता रहा कि धनवान बनने के बाद वह अपने पिता को रुपये लौटा देगा ।
चौराहे पर पहुंचकर उसने 10000 रुपये तोते के मालिक को दिए और तोता लेकर चला गया ।

तोते का मालिक भी अपने दोस्त यानी लड़के के पिता के पास गया और बोला – दोस्त , अब समय आ गया है तुम्हारे बेटे की अक्ल ठिकाने लगाने का । इतना कहकर वह दोनों उस लड़के को खोजकर उसके पीछे – पीछे गए और छुपकर उस की गतिविधियां देखने लगे…लड़के ने सुनसान जगह देखकर तोते से पूछा मेरे प्यारे चमत्कारी तोते अगर मैं यहां खुदाई करूँ तो क्या मुझे धन मिलेगा ??


जवाब वही मिला जिसकी आपको और मुझे उम्मीद थी – ” बिल्कुल ”


जवाब मिलते ही लड़के ने पूरी ताकत से खुदाई शुरू कर दि , काफी देर खोदने के बाद भी धन नही मिला तो उसने आस पास के स्थानों में भी खुदाई शुरू कर दी । लेकिन जब वहाँ भी कुछ नही निकला तो उसकी हिम्मत जवाब दे गई । थक हार कर वह किनारे बैठ गया और रोने लगा की धन भी नही मिला और पिता के पैसे भी गए । वह अभी भी रो ही रहा था कि इतने में उसे उसके पिता और उनके मित्र ( तोते का मालिक ) आते दिखाई दिए । वह लड़का तोते के मालिक को देख कर आग बबूला भी हो रहा था और अपने पिता को देखकर डर भी रहा था । लेकिन तोते के मालिक ने नजदीक आकर उस लड़के के हाथ मे 10000 ( दस हज़ार ) रुपये रखे और कहा कि यह अपने पिता को वापस लौटा दो , और एक बात अपने दिमाग मे बैठा लो कि – कामयाबी का कोई शॉर्टकट नही होता , बिना कुछ दिए तुम कुछ पा नही सकते ।


वह लड़का पूरा माजरा समझ गया । उसने अपने पिता से अपने किये की माफी मांगते हुए पैसे उनके पैरों में रख दिये , और जीवन मे कामयाब होने के लिए कभी शॉर्टकट ना लेने का प्रण लिया ।.


दोस्तों इस कहानी से आपने क्या सीखा क्या नही सीखा मैं नही जानता ।
हां ! इससे कुछ निष्कर्ष जरूर निकलते हैं …

शॉर्टकट


कामयाबी का कोई शॉर्टकट नही होता


बिना कुछ दिए आप कुछ पा नही सकते ।
कई बार आसान दिखने वाले रास्ते बेहद मुश्किलों से भरें होते हैं ।
रटना महत्वपूर्ण नही है वो काम तोते भी कर लेते है , आप को सही समय पर अपनी योग्यता का प्रदर्शन करना होता है ।


हम अक्सर सुनते हैं की ” कॉम्पिटिशन का दौर है , अगर आगे बढ़ना है तो छोटे मोटे शॉर्टकट लेने पड़ते हैं ..” ये सब बातें हमारे दिमाग में इतनी गहराई से घर कर चुकी होती है कि हम इन्हें जाने अनजाने अपने दैनिक जीवन में भी उतार लेते हैं जब ये चीजें हमारे दैनिक पर असर डालना शुरू करती है तो हम कमी और बंधी – बंधाई सीमाओँ के मानसिक माहौल में रहने लगते हैं , परिणाम स्वरूप हम अपनी मानसिक शान्ति , दूसरों के प्रति अच्छी भावना , ईश्वर के प्रति आस्था और विश्वास को खो देते हैं ।


अगर आप कामयाब या सफल होना चाहते हैं तो ईमानदारी और लगन से उसके लिये प्रयास कीजिये ,( यह मुश्किल है या शायद बहुत मुश्किल लेकिन नामुमकिन नही ) ऐसा करने पर आपको एक मानसिक शान्ति तो मिलती ही है साथ ही आप समाज के लिए भी एक आदर्श बन जाते हैं ।

धन्यवाद …


आपके सुझाव एवम शिकायतें सादर आमंत्रित है ।

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