श्री शिव चालीसा : महत्व नियम एवं सावधानियां | Shri shiv chalisa in hindi

श्री शिव चालीसा : महत्व नियम एवं सावधानियां | Shri shiv chalisa in hindi

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परिचय { introduction }

 नमस्कार .. प्रणाम .. मित्रों

दोस्तों … शायद ही कोई भारत वासी हो जो भगवान् शिव और भगवान् शिव की श्री शिव चालीसा { shri shiv chalisa in hindi } की महिमा से अपरचित हो .. और उनकी कृपा एवं आशीर्वाद प्राप्त करने के लिए इच्छुक और उत्सुक न हो .. शिव चालीसा ( Shri shiv chalisa in hindi ) का विधान पूर्वक , निष्ठापूर्वक पाठ उनका प्रेम प्राप्त करने का ही एक माध्यम है ऐसा बिद्वान लोगो का मानना है .. इसीलिए दोस्तों आज हम आपको बताएँगे शिव चालीसा का पाठ कैसे करते है ..   हमारे जीवन में इसका क्या महत्त्व होता है और हमें क्या सावधानी बरतनी चाहिए शिव   चालीसा  का पाठ करते समय  ?? पोस्ट के आगे के चरणों में हम इस विषय पर विस्तार से बताने जा रहे है .. तो आइये सबसे पहले पढ़ते है … shri shiv chalisa in hindi

शिव चालीसा | shri shiv chalisa in hindi

दोहा

जय गणेश गिरिजा सुवन,
मंगल मूल सुजान ।
कहत अयोध्यादास तुम,
देहु अभय वरदान ॥

चौपाई

जय गिरिजा पति दीन दयाला ।
सदा करत सन्तन प्रतिपाला ॥
भाल चन्द्रमा सोहत नीके ।
कानन कुण्डल नागफनी के ॥
अंग गौर शिर गंग बहाये ।
मुण्डमाल तन क्षार लगाए ॥
वस्त्र खाल बाघम्बर सोहे ।
छवि को देखि नाग मन मोहे ॥
मैना मातु की हवे दुलारी ।
बाम अंग सोहत छवि न्यारी ॥
कर त्रिशूल सोहत छवि भारी ।
करत सदा शत्रुन क्षयकारी ॥
नन्दि गणेश सोहै तहँ कैसे ।
सागर मध्य कमल हैं जैसे ॥
कार्तिक श्याम और गणराऊ ।
या छवि को कहि जात न काऊ ॥
देवन जबहीं जाय पुकारा ।
तब ही दुख प्रभु आप निवारा ॥
किया उपद्रव तारक भारी ।
देवन सब मिलि तुमहिं जुहारी ॥
तुरत षडानन आप पठायउ ।
लवनिमेष महँ मारि गिरायउ ॥
आप जलंधर असुर संहारा ।
सुयश तुम्हार विदित संसारा ॥

त्रिपुरासुर सन युद्ध मचाई ।
सबहिं कृपा कर लीन बचाई ॥
किया तपहिं भागीरथ भारी ।
पुरब प्रतिज्ञा तासु पुरारी ॥
दानिन महँ तुम सम कोउ नाहीं ।
सेवक स्तुति करत सदाहीं ॥
वेद नाम महिमा तव गाई।
अकथ अनादि भेद नहिं पाई ॥
प्रकटी उदधि मंथन में ज्वाला ।
जरत सुरासुर भए विहाला ॥
कीन्ही दया तहं करी सहाई ।
नीलकण्ठ तब नाम कहाई ॥
पूजन रामचन्द्र जब कीन्हा ।
जीत के लंक विभीषण दीन्हा ॥
सहस कमल में हो रहे धारी ।
कीन्ह परीक्षा तबहिं पुरारी ॥
एक कमल प्रभु राखेउ जोई ।
कमल नयन पूजन चहं सोई ॥
कठिन भक्ति देखी प्रभु शंकर ।
भए प्रसन्न दिए इच्छित वर ॥
जय जय जय अनन्त अविनाशी ।
करत कृपा सब के घटवासी ॥
दुष्ट सकल नित मोहि सतावै ।
भ्रमत रहौं मोहि चैन न आवै ॥
त्राहि त्राहि मैं नाथ पुकारो ।
येहि अवसर मोहि आन उबारो ॥
लै त्रिशूल शत्रुन को मारो ।
संकट से मोहि आन उबारो ॥
मात-पिता भ्राता सब होई ।
संकट में पूछत नहिं कोई ॥
स्वामी एक है आस तुम्हारी ।
आय हरहु मम संकट भारी ॥
धन निर्धन को देत सदा हीं ।
जो कोई जांचे सो फल पाहीं ॥
अस्तुति केहि विधि करैं तुम्हारी ।
क्षमहु नाथ अब चूक हमारी ॥
शंकर हो संकट के नाशन ।
मंगल कारण विघ्न विनाशन ॥
योगी यति मुनि ध्यान लगावैं ।
शारद नारद शीश नवावैं ॥
नमो नमो जय नमः शिवाय ।
सुर ब्रह्मादिक पार न पाय ॥
जो यह पाठ करे मन लाई ।
ता पर होत है शम्भु सहाई ॥
ॠनियां जो कोई हो अधिकारी ।
पाठ करे सो पावन हारी ॥
पुत्र हीन कर इच्छा जोई ।
निश्चय शिव प्रसाद तेहि होई ॥
पण्डित त्रयोदशी को लावे ।
ध्यान पूर्वक होम करावे ॥
त्रयोदशी व्रत करै हमेशा ।
ताके तन नहीं रहै कलेशा ॥
धूप दीप नैवेद्य चढ़ावे ।
शंकर सम्मुख पाठ सुनावे ॥
जन्म जन्म के पाप नसावे ।
अन्त धाम शिवपुर में पावे ॥
कहैं अयोध्यादास आस तुम्हारी ।
जानि सकल दुःख हरहु हमारी ॥

नित्त नेम कर प्रातः ही, पाठ करौं चालीसा।
तुम मेरी मनोकामना, पूर्ण करो जगदीश॥
मगसर छठि हेमन्त ॠतु, संवत चौसठ जान।
अस्तुति चालीसा शिवहि, पूर्ण कीन कल्याण ||

चालीसा किसे कहते है ( who is called chalisa )

हमारे सनातनी हिंदू धर्म में अपने आराध्य भगवान की सरल शब्दों   में की जाने वाली प्रार्थना को चालीसा कहा जाता है । चालीसा का पाठ  करने से किसी के भी  जीवन में अद्भुत अलौकिक प्रभाव पड़ता है । लेकिन क्‍या आप जानती हैं कि इसे चालीसा क्‍यों कहा जाता है ? अगर नहीं ? तो चलिए हम आपको बताते हैं । इस प्रार्थना को चालीसा इसलिए कहा जाता है क्योंकि इसमें चालीस लाइनें होती हैं । आसान और सरल भाषा में होने के कारण इसे आसानी से पढ़ा जा सकता है और आसानी से भगवान को प्रसन्न करने का ये तरीका हिंदू धर्म में बहुत लोकप्रिय माना जाता रहा  है ।

श्री हनुमान चालीसा के विषय में पढ़ें.. श्री हनुमान चालीसा

दोस्तों पूजा पाठ में शिव चालीसा का बहुत   अधिक महत्व है . शिव चालीसा के सरल शब्दों से भगवान शिव को प्रसन्न किया जा सकता है . शिव चालीसा के पाठ से कठिन से कठिन कार्य को बड़ी आसानी से किया जा सकता है शिव चालीसा में   40 पंक्तियां होती है , जिनकी महिमा एवं  मान्यता  बहुत ही ज्यादा है. भोला स्वभाव के होने के कारण भगवान भोले भंडारी शिव चालीसा के पाठ से  बहुत आसानी से मान जाते हैं और अपने भक्तों  को मनचाहा वरदान दे देते है. इसलिए शिव चालीसा के पाठ की बहुत मान्यता  है. 

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शिव चालीसा का महत्व ( Importance of shri Shiv Chalisa in hindi )

  1. दोस्तों ..भारत में अधिकतर लड़कियां अच्‍छा जीवनसाथी  पाने के मकसद से  सोमवार बाले  दिन व्रत रखती है  और भगवान शिव की पूजा अर्चना करती हैं । विद्वान कहते है कि सोमवार के दिन का   व्रत रखने से लड़कियां भगवान शंकर की तरह मोहक और सुन्दर मनचाहा जीवनसाथी   पा सकती हैं । लोग कहते है भगवान शिव  को खुश करना बहुत ही सरल   है । भगवान शिव   की मन से की गई  आराधना   से आप अपना मनचाहा वरदान पा सकते या सकती हैं ।  भगवन शिवजी के इस भोले आचरण   के कारण उन्‍हें भोलेनाथ या भोले भंडारी  भी कहा जाता है । 
  1. चालीसा पढ़ने से आपको  ना केवल   शारीरिक बल्कि मानसिक तौर पर भी बहुत अच्‍छा लगेगा । लोगों का मानना है कि शिव चालीसा के अत्यधिक समर्पण भाव   के साथ नियमित रूप से जाप करने से   किसी के भी जीवन की सभी बाधाओं और समस्याओं को दूर करने की शक्ति होती है । वास्तव में , शिव चालीसा का जाप करना सबसे अच्छा तरीका है , जिसके द्वारा आप बड़ी आसानी से भगवान शिव का आशीर्वाद प्राप्त कर सकती हैं ।
  1. स्वास्थ्य समस्याओं से पीड़ित बच्चों को या तो शिव चालीसा पढ़नी चाहिए या उन्‍हें  उनके पेरेंट्स को सुनाना चाहिए । पेरेंट्स  अपने बच्चे की ओर से चालीसा भी पढ़ सकते हैं । हालांकि, उन्हें शिव चालीसा से पहले बच्चे का पूरा नाम , राशि ( चंद्रमा चिन्ह) और नक्षत्र का उच्चारण करना चाहिए ।
  1. लोगो का ऐसा मानना  है कि शिव चालीसा का जाप करने से प्रेग्‍नेंट महिलाओं को बहुत अधिक फायदा होता है । शिव चालीसा का निरंतर जाप करने से उनके होने वाले बच्‍चे की रक्षा और साथ ही सुरक्षित   डिलीवरी में मदत   मिलती है ।
  1. शिव चालीसा का लगातार   जाप करने से ना केवल लड़कियों को अच्‍छा वर मिलता है बल्कि वैवाहिक समस्याओं और रिश्ते में आने वाली कई तरह की समस्याओं को हल करने में मदत   मिलती है ।
  1. लगातार   शिव चालीसा का जाप करने से नशे , शराब , तंबाकू , सिगरेट की आदत   के साथ ही साथ तनाव ( टेंशन ) से छुटकारा पाने मैं भी  फायदेमंद है ।
  1. शिव चालीसा का जाप करने से बीमार महिलाओं  को बीमारियों से छुटकारा पाने में मदत   मिलती है, क्‍योंकि इससे आपका तनाव दूर होता है और आप बीमारी के बारे में बहुत ज्‍यादा नेगेटिव नहीं सोचते   हैं ।
  1. बिद्वानो का मानना  है यह समय से पहले और दर्दनाक मौत को रोकता है ।

पाठ कैसे करें ( how to text ) नियम एवं सावधानियां ( Rules and Precautions )

  • दोस्तों  सोमवार की शाम को  शिव चालीसा का पाठ करना बेहद शुभकारी होता है । ऐसा  सभी बड़े विद्वान पंडितो का कहना है  और कहा जाता है कि शिवजी की भक्ति  करने वाली औरतों लड़कियों  को मृत्यु का डर  भी नहीं सताता । और ऐसा भी कहते है कि भगवान शिव का आशीर्वाद चाहने वाले शिव भक्तों को शिव चालीसा का पाठ अवश्य ही करना चाहिए ।
  • ऐसी मान्यता है  कि सावन महीने  के दौरान शिव चालीसा का पाठ करने से आपका  स्वस्थ  भी अच्छा  रहता   है । 
  •  दोस्तों  इसमें सबसे अच्‍छी बात है की  चालीसा को पढ़ने के लिए किसी खास नियम की जरूरत नहीं होती है । सिर्फ इंसान सच्ची श्रद्धा , स्वच्छता का ध्यान रखकर ही चालीसा का पाठ कर सकता है । इसलिए महिलाओ एवम लड़कियों को  सोमवार को शिव चालीसा का पाठ अवश्य करना चाहिए   ।
  • दोस्तों इस तरह से शिव चालीसा का निरंतर जाप आपके लिए और आपके बच्चो के लिए बहुत फायदेमंद होता है । और ये  भगवान शिव का आशीर्वाद प्राप्त करने का सबसे आसान   और सुगम तरीका है । इसके अलावा , शिव चालिसा का जाप करना सभी उम्र के पुरुषों और महिलाओं ,बच्चों द्वारा किया जा सकता है । 
  • दोस्तों  शिव पाठ  करने के लिए सुबह जल्दी उठकर स्नान कर लें  और साफ बस्त्र पहने.
  • – अपना मुख  पूर्व दिशा में रखें और साफ सुथरे आसन पर बैठें.
  • – पूजा में धूप , दीप , सफेद , चंदन , माला और सफेद 5 फूल   भी रखें और मिश्री को   प्रसाद के लिए अलग से  रखें.
  • – दोस्तों पाठ करने से पहले गाय के देशी घी का दिया अवश्य  जलायें और एक लोटे  में शुद्ध जल भरकर जरूर  रखें.
  •  अपने आराध्य भगवान शंकर  की शिव चालिसा का तीन बार पाठ करें .
  •  शिव चालीसा का पाठ मुँह से   बोल बोलकर करें , जितने लोगों को यह सुनाई देगा उनको भी लाभ होगा.
  • दोस्तों  शिव चालीसा का पाठ सम्पूर्ण भक्ति  भाव से करें और भगवान शिव को प्रसन्न करें.
  • – दोस्तों पाठ पूरा हो जाने पर लोटे का जल अपने सारे घर मे छिड़क दें और थोड़ा सा जल स्वयं भी पी लें. और मिश्री प्रसाद के रूप में अवश्य  खाएं औऱ आसपास बच्चों में भी बांट दें.

निष्कर्ष (Conclusion)

दोस्तों इस आर्टिकल में आपने विस्तार से  जाना शिव चालीसा | shri shiv chalisa in hindi , परिचय ( introduction )

,चालीसा किसे कहते है (who is called chalisa ) , शिव चालीसा का महत्व ( Importance of shri shiv Chalisa in hindi )

पाठ कैसे करें ( how to text ) , नियम एवं सावधानियां ( Rules and Precautions )

दोस्तों आशा करते है की भगवान् शिव की महिमा बताती shri shiv Chalisa in hindi की जानकारी आपको पसंद आयी होगी … और अंत में हर बार की तरह इस बार भी यदि आपका कोई सुझाव या शिकायत हो तो कृपया हमें अवगत कराएं हम प्रतीक्षारत हैं ….
धन्यवाद

Written by
Prateek
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